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कोरोना वायरस: दुनिया के लिए खतरनाक बनी चीन के खानपान की आदत

क्या चाइना से बढ़ते वायरस को देखते हुए कुछ खान पान की वस्तुओं पर पाबंदियां लगाने का वक्त आ चुका है? यह गम्भीर चिंता का विषय बन चुका है। कोरोना वायरस पूरे विश्व में फैल चुका है। तकरीबन 122 देशों में इसने अपनी जड़ें जमा ली है। इससे अब तक 4000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है । इस वायरस की शुरुआत चाइना की वुहान शहर से हुई, जिसका प्रमुख कारण चमगादड़ को माना गया था। सबसे ज्यादा मौतें भी चाइना में हुईं, उसके बाद इटली, इराक और अन्य देशों में हुईं। भारत भी इससे अछूता नहीं रहा। भारत में कोरोना वायरस 12 से ज्यादा राज्यों में फैल चुका है और 80 से ज्यादा लोग अब तक संक्रमित पाए गए हैं। कई राज्यों में इसे महामारी घोषित कर दिया है।

कोरोना वायरस को लेकर एक किताब सामने आ चुकी है, उस किताब का नाम है ‘the eyes of darkness’ 1981 में अमेरिकी उपन्यासकार डीन कोन्ट्ज ने यह पुस्तक लिखी थी, जिसमें उन्होंने वुहान में 400 वायरस का जिक्र भी किया था और बताया भी था कि चाइना इसका इस्तेमाल जैविक हथियार के रूप में करेगा। हालांकि यह संयोग है, क्योंकि किताब में लिखी बातों का मनुष्य के जीवन में संयोग हो सकता है।

अब बात करते है कि आखिर चीन से ही विभिन्न प्रकार के वायरस क्यों पनपते हैं? इसका प्रमुख कारण क्या है? चीन से नई-नई बीमारियों के फैलने की एक बड़ी वजह वहां का फूड मार्केट है। चीन के शहरों में फल-सब्जी से लेकर मीट के मार्केट फैले हुए हैं। खासकर चीन के मांस के मार्केट नई बीमारियों की जड़ बनते जा रहे हैं। चीन में कई तरह के जानवरों के मांस मिलते हैं।

चीन के लोग सांप-छिपकली से लेकर सीफूड के नाम पर कई तरह के समुद्री जीवों का मांस खाते हैं। चीन के शहरों में मीट के मार्केट में ये सब खुलेआम मिलता है। चीन के शहरों की घनी आबादी और वहां के मीट के मार्केट की वजह से वहां से नई-नई बीमारियां पनप रही हैं। चीन की आबादी करीब 140 करोड़ है। दुनियाभर का करीब 50 फीसदी पशुधन चीन के पास है। सार्स महामारी नवंबर 2002 में चीन से ही फैली थी।

सबसे पहले दक्षिणी चीन के गुआंगडॉन्ग इलाके से इसका वायरस मिला था। चीन से ही कई तरह के बर्ड फ्लू फैले। 2013 में चीन से ही H7N9 एवियन इनफ्लुएंजा फैला। 2018 में चीन के जियांग्शु प्रांत से H7N4 वायरस से पीड़ित मरीज मिला। 2019 में चीन के शीनजियांग प्रांत से ही H5N6 बर्ड फ्लू फैला। इतने सारे वायरस देने के बाद अब कोरोना वायरस आया है।

इतनी सारी घटनाओं को देखने के बाद अब विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organisation) की ओर से चाइना में मांसाहारी खानपान को लेकर कुछ पाबंदियां लगाने का वक्त आ चुका है। अगर इन पर पाबंदियां ना लगाई गईं तो आने वाले समय में और वायरस देंगे, जो कि पूरे विश्व के लिए घातक होगा।

इसके अलावा कई ऐसे मांसाहारी खानपान को वह निर्यात भी करता है। ऐसे खानपान का डब्ल्यू एच ओ द्वारा पूरी जांच होनी चाहिए। उसके बाद ही निर्यात के लिए मंजूरी देनी चाहिए। अगर ऐसा नहीं किया गया तो आने वाला समय पूरे विश्व के लिए बहुत ही खतरनाक साबित होगा।

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