movie Hera-Pheri gained tremendous success in the Hindi film industry from action to comedy Akshay Kumar's career also boomed cmarg.in

बीस साल पहले Film ‘हेरा फेरी’ से मिली Real Comedy को नई जान

Photo Source: Amar Ujala

Contributor: Dheerendra Pratap Singh (Centre Media Studies, Allahabad)

अब से कोई बीस साल पहले हंसने-हंसाने के लिए एक फ़िल्म बनी थी हेरा-फेरी। फ़िल्म को देखकर जितना मजा आया था, उसका किस्सा भी उतना ही मजेदार है। सन 2000 में आई इस क्लासिक कॉमेडी फ़िल्म ने लोगों को हंसा-हंसाकर पेट फुला दिया था। फिल्म का निर्देशन (Direction) साउथ की सिनेमा इंडस्ट्री के मशहूर डायरेक्टर प्रियदर्शन ने किया था। इसमें अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, तब्बू और परेश रावल मुख्य किरदार में थे। फिल्म मलयालम फिल्म “रामजी राव स्पीकिंग” की रीमेक थी। इसमें प्रियदर्शन ने स्क्रीनप्ले राइटर का काम किया था।

असल में फ़िल्म हेरा-फेरी एक एक्शन फिल्म थी, जिसका पहले नाम “रफ्तार” था। परंतु फ़िल्म के प्रोड्यूसर एजी नाडियावाला ने डायरेक्टर को इस एक्शन फ़िल्म को कॉमेडी फ़िल्म बनाने की सलाह दी। डायरेक्टर को यह बात अच्छी लगी। फ़िल्म में संजय दत्त को श्याम की भूमिका (Role) के लिए चुना गया था, लेकिन ड्रग्स और प्रतिबंधित हथियारों को रखने के मामले में जेल जाने और मुकदमे में फंसे होने से उनको इस प्रोजेक्ट से बाहर निकलना पड़ा। उनकी जगह इस कैरेक्टर में सुनील शेट्टी को लिया गया। उन्होंने अपनी भूमिका को बड़ी खूबी से निभाया।

फ़िल्म की अभिनेत्री (Actress) रवीना टंडन थी, लेकिन फ़िल्म के शुरू होने से पहले ही उनका प्रोड्यूसर से किसी वजह से मतभेद हो गया। इसके कारण उनके कैरेक्टर को तब्बू को दे दिया गया। इसी दौरान अभिनेता (Actor) अक्षय कुमार का कैरियर हिचकोले खा रहा था। वो एक के बाद एक लगातार 14 फिल्में फ्लॉप दे चुके थे। उन्होंने जितनी फिल्में की थीं, सब एक्शन वाली थीं। इससे वे बोर हो चुके थे। उनको लगा कि इस फ़िल्म से कुछ नया किया जा सकता है। वह निर्देशक (Director) प्रियदर्शन के पास गए और फ़िल्म में भूमिका (Role) मांगी।

अक्षय कुमार और सुनील शेट्टी ने पहली बार रियल कॉमेडी करने का फैसला किया। इसके लिए उन्होंने काफी मेहनत भी की। अपनी भूमिकाओं में रियलिटी लाने के लिए दोनों ने जमीन पर अखबार बिछाकर सोना शुरू किया। बिना प्रेस किए हुए मुड़े-चूड़े कपड़े पहनने लगे, ताकि उनके कैरेक्टर रियल दिखे। दूसरी तरफ बाबूराव के कैरेक्टर में जान डालने के लिए परेश रावल ने काफी मेहनत की, जिसके लिए उन्हें बेस्ट कॉमिक एक्टर का फिल्म फेयर अवार्ड (FilmFair Award) भी मिला था।

अपनी बेहतरीन कलाकारी (Acting), संवाद अदायगी (Dialogue) और शानदार निर्देशन (Direction), पटकथा (Screen Play), संगीत (Music) के दम पर फ़िल्म हेरा-फेरी उस साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली और टेलीविजन पर सबसे अधिक देखी जाने वाली फिल्म बनी। खास बात यह है कि बाद में इसी फ़िल्म का एक सीक्वल (Sequel) भी बना, जो काफी हिट रहा। हेरा-फेरी एक मात्र ऐसी फिल्म है, जो आईएमबीडी की रेटिंग्स में सबसे ज्यादा देखे जाने वाली फिल्म है।

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