pleasure

आओ मिलकर नई दुनिया की संरचना करें, अपनों को अपनी जड़ों से जोड़े रखें

कोरोना वायरस महामारी से दुनिया परेशान है। लाखों लोगों की मौत हो चुकी है और करोड़ों लोग संक्रमित हैं। नई बीमारी से हर कोई हैरान है। तमाम ऐहतियात बरतने के बावजूद अभी बीमारी से पूरी तरह निजात नहीं मिल सकी है। पीएम नरेंद्र मोदी ने लोगों से सुरक्षा हिदायतों का सख्ती से पालन करने का अनुरोध किया है। सरकारी गाइडलाइंस की अनदेखी नहीं करने और बाहर निकलने पर खुद के साथ दूसरों की भी सुरक्षा का ध्यान रखने की अपील की है। पीएम मोदी की इस भावना को देश को समझना चाहिए और इस पर पूरी तरह से चलना चाहिए।

कोरोना वायरस का प्रकोप अपने शुरुआती समय में पूरी दुनिया को भयभीत किया था। लोग साबुन से हाथ धोने से लेकर दूसरों से सुरक्षित दूरी बनाने तक में कहीं कोई कोताही नहीं बरत रहे थे। जिन लोगों ने थोड़ी लापरवाही की, उन्हें पुलिस की कार्रवाई का सामना करना पड़ा। इस दौरान दुनियाभर में लोगों के संक्रमित होने और जान से हाथ धोने का सिलसिला भी चलता रहा। हालांकि कई ऐसे लोग भी रहे जो बीमारी को मात देकर खुद को सुरक्षित बचाने में सफल रहे।

सबसे तकलीफदेह बात यह रही कि करीब-करीब हर देश में महीनों लॉकडाउन लगा रहा। लोगों को लंबे वक्त तक घरों के अंदर रहने को विवश होना पड़ा। गंभीर आर्थिक, मानसिक चुनौतियों से जूझना पड़ा। कई लोगों की बचत के पैसे खत्म हो गए और उन्हें भुखमरी तक की स्थिति से गुजरना पड़ा। बावजूद इसके दुनिया में लोगों ने साहस के साथ इससे खुद को पार किया। हालात में सुधार आया।

कई देशों ने ऐलान किया कि उनके यहां कोविड-19 का प्रकोप पूरी तरह से खत्म हो चुका है, लेकिन इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं समझना चाहिए कि जिंदगी कोविड के पहले जैसी सामान्य हो गई है। जरा सी लापरवाही स्थिति को फिर बिगाड़ सकती है। जिन देशों में बीमारी पूरी तरह से खत्म हो गई है, वे भी पोस्ट लॉकडाउन के दौरान ऐहतियात बरतने के प्रति सचेत हैं।

भारत समेत दुनिया के कई देश अभी इस चुनौती का सामना कर रहे हैं। उनके सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि हालात सामान्य कैसे किया जाए। लोगों को घरों में बंद रखकर बीमारी से बचा जा सकता है, लेकिन जिंदगी की गाड़ी नहीं चलाई जा सकती है। हमें बाहर निकलकर काम करना ही पड़ेगा। ऐसे में पीएम मोदी की यह सलाह कि आप सुरक्षा मानकों का पूरी तरह से पालन करें और मास्क लगाए रहें, दो गज की दूरी बनाए रहें, बिल्कुल उचित और सही है।

ध्यान रखें कि हर बीमारी के लिए दवा ही इलाज नहीं है, ऐहतियात बरतना उससे ज्यादा और सुरक्षित इलाज है। इसलिए हमें खुद के लिए, अपने परिवार के लिए, अपने सगे-संबधियों के लिए, अपने समाज के लिए, राज्य के लिए, देश के लिए और पूरी दुनिया के लिए जागरूक होना पड़ेगा। आओ मिलकर नई दुनिया की संरचना करें, नया संसार बसाएं और अपनों को अपनी जड़ों से जोड़े रखें। खुशियां बांटें, प्रकृति के साथ उत्साह के साथ रहें।

भगवान ने जो आंखें दी है, उससे हमें सब लोग दिखाई पड़ते हैं, लेकिन हम खुद को नहीं देख सकते हैं। भगवान चाहते हैं कि सामने वाले को हंसते हुए, खुशी से रहते हुए और आनंद की अनुभूति करते हुए हम देख सकें। दूसरों को दुखी देखकर हम सुखी नहीं रह सकते हैं। इसलिए बेहतर दुनिया का निर्माण करने के लिए सबकी सुरक्षा का ध्यान रखें। सब मिलकर रहना सीखें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *