अफगानिस्तान के बहाने पूरे होंगे चीन के नापाक मंसूबे! दक्षिण एशिया में शक्ति संतुलन बिगड़ने की आशंका

समझौते के बाद से ही खतरनाक आतंकी संगठन आईएसआईएस का अफगानिस्तान में दखल बढ़ा है। उल्लेखनीय है कि आईएसआईएस का मध्य एशिया के बाद दूसरा लक्ष्य दक्षिण एशिया के देश हैं। भारत सरकार को आने वाले इस महासंकट से सावधान रहना होगा क्योंकि तालिबान और पाकिस्तान की मिलीभगत से हुए कंधार विमान अपहरण का दंश हम झेल चुके हैं।

अच्छे नहीं चल रहें ‘दबंग’ के दिन, कोरोना से पहले अफगानिस्तान में अमेरिका की मात

समझौते की दूसरी शर्त के मुताबिक तालिबान को आतंक के रास्ते से हटना था, लेकिन दोनों पक्षों में बातचीत के चौबीस घंटे बीतने से लेकर अब तक आधा दर्जन से अधिक आतंकी हमले हो चुके हैं।