UP Assembly Election 2022: सभी दलों के नेताओं को आई जनता की याद

मायावती ने केंद्र और राज्य की सत्तारूढ़ सरकार पर निशाना साधते हुये कहा कि ताबड़तोड़ घोषणाएं, शिलान्यास और आधे-अधूरे कार्यों का उद्घाटन करने से किसी पार्टी का जनाधार बढ़ने वाला नहीं है।

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उन्होंने कहा, “इतिहास में सम्राट अशोक को या चंद्रगुप्त मौर्य को महान नहीं बताया गया, लेकिन चंद्रगुप्त मौर्य से हारने वाले सिकंदर को महान बता दिया। इतिहासकार इन मुद्दों पर मौन हैं क्योंकि सच्चाई भारतवासियों के मन में आ जाएगी तो भारत फिर से खड़ा हो जाएगा।”

सवाल एक ही है, कौन है मुसलमानों का नेता? बेचैनी में हैं सियासतदां

सभी दल खुद को मुसलमानों का वोट पाने के लिए उनको अपना बताते रहते हैं, लेकिन जब उनसे कहा जाता है कि वे अपनी पार्टी के किसी मुसलमान को पार्टी अध्यक्ष बनाने या सत्ता में आने पर सरकार का मुखिया बनाने की घोषणा करें तो वे चुप्पी साध लेते हैं।