“जनता देश के सत्ताधीशों से सवाल पूछे, नहीं तो हुक्मरान संवेदनहीन हो जाएंगे”

आचार्य कृपलानी स्मृति व्याख्यान-2022 में “तंत्र बने सेवक, जनता हो स्वामी” विषय पर वरिष्ठ पत्रकार एवं माधव राव सप्रे संग्रहालय के संस्थापक पद्मश्री विजय दत्त श्रीधर ने अपने विचार रखे।

पीड़ितों की बिना थके सेवा कर इतिहास रच रहे सुधीर भाई: आचार्य बालकृष्ण

आचार्य बालकृष्ण बोले सेवाधाम में 700 से ज्यादा लोगों, जिनमें अधिकतर बिस्तर पर हैं, की सेवा का जो कार्य हो रहा है, वह अकल्पनीय है। 

Assembly Elections: पांच राज्यों में चुनाव – न रैली, न रोड शो; जुलूस भी नहीं

निर्वाचन आयोग में मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने चुनाव आयुक्त राजीव कुमार और अनूप चंद्र पांडे के साथ चुनावी राज्यों-गोवा, मणिपुर, पंजाब, उत्तराखंड तथा यूपी में कोविड​​​​-19 की वर्तमान स्थिति की व्यापक समीक्षा की।

Jimin के पेट में हुआ दर्द, दुनियाभर के मीडिया में बना सुर्खी, नेट पर BTS हुआ ट्रेंड

स्वास्थ्य बुलेटिन में यह भी बताया गया कि कंपनी अपने सदस्यों के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और वे जल्दी ठीक होने में जिमिन की सहायता करने के लिए वह सब कुछ कर रहे हैं जो वे कर सकते हैं।

दिलवालों के शहर दिल्ली में दिल खोलकर जाम से जाम लड़ाइए, सरकार का तोहफा

दिल्ली में अब शराब की बिक्री लगभग रोजाना होगी। सरकार को उम्मीद है कि इससे शराब से मिलने वाले राजस्व में इजाफा होगा और आम लोगों को शराब के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।

हिम्मत और हौसला भारत की पहचान; पीएम बोले- भारत की सामर्थ्य बनेगा युवा

भारत सरकार नवाचार, सामाजिक सेवा, शैक्षिक योग्यता, खेल, कला एवं संस्कृति और बहादुरी जैसी छह श्रेणियों में बच्चों को हर साल प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (PMRBP) प्रदान करती है।

जल बचाने पर जलयोद्धाओं ने किया मंथन, कहा- मेड़बंदी मॉडल दिखाएगा रास्ता

देशभर के जल विशेषज्ञ, जल वैज्ञानिक, पर्यावरणविद, भूवैज्ञानिक, अच्छा श्रेष्ठ कार्य करने वाले जमीनी साथियों, पौधरोपण, जल संरक्षण, कृषि के क्षेत्र में अद्भुत कार्य करने वाले अंजान नायकों को सम्मानित किया गया।

कृषि कानून वापस: शीर्ष सत्ता का ऐसे हिल जाना…

दो सौ सालों तक दुनिया को अपना गुलाम बनाकर रखने वाली ब्रिटिश हुकूमत के वर्तमान प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने हाल ही में ग्लासगो में हुए सीओपी26 जलवायु शिखर सम्मेलन (वर्ल्ड लीडर्स समिट) में पीएम मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा की थी।

कृषि कानून वापस: राजनीति की जीत हुई या सत्ता की हार

पीएम मोदी ने कहा, “मैं आज देशवासियों से क्षमा मांगते हुए सच्चे मन से और पवित्र हृदय से कहना चाहता हूं कि शायद हमारी तपस्या में ही कोई कमी रही होगी, जिसके कारण दीये के प्रकाश जैसा सत्य कुछ किसान भाइयों को हम समझा नहीं पाए हैं।”

इतिहास में समाया फैजाबाद स्टेशन, अयोध्या कैंट पर आपका स्वागत है

कुछ का मानना है कि इससे ‘इस ऐतिहासिक शहर की पहचान मिट’ जाएगी और ‘भ्रम पैदा’ होगा तो कई अन्य ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर सर्वत्र अयोध्या नाम उपयोग में लाया जाना उचित है। कहा कि ‘यह भगवान राम की नगरी है।’