हिंदी दिवस: शुभकामनाएं आईं, पर हिंदी में नहीं; Wishing a great hindi day

आम जिंदगी में कई सज्जन ऐसे भी मिलने लगे हैं जो बड़े गर्व से कहते हैं कि उन्हें हिंदी आती तो है लेकिन वे उतना सहज नहीं है, लिहाजा अंग्रेजी में ही अपनी बात रखेंगे।

भारत में हर दस किमी में बदल जाती है बोली : संदीप मारवाह

सातवें ग्लोबल लिटरेरी फेस्टिवल नोएडा के वर्चुअल आयोजन में जुटीं देश विदेश की जानी मानी हस्तियों ने हिंदी दिवस पर रखे अपने विचार। कहा हिंदी भाषा शब्दों की प्रेरणा शक्ति है।

हिंदी दिवस पर हिंदी “वी शुड स्पीक हिंदी ऐस हिंदी इज माय मदर टंग”

आजकल कई ऐसे लोग हमें अक्सर मिल जाते हैं, जो गलती से कोई एक शब्द हिंदी का बोल दिए तो सारी कहकर उसकी तुरंत अंग्रेजी बोल देते हैं। उन्हें हिंदी बोलने के बाद जो अपराधबोध महसूस होता है, वह अच्छी तरह समझा जा सकता है।