सेवाधाम आश्रम में दिखा राष्ट्र और समाज के प्रति कर्तव्य और जिम्मेदारियों का संगम

राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि ये बच्चे यहां सिर्फ बच्चे ही नहीं है, ये कल के हमारे भविष्य है। देश को आगे ले जाने वाले नेता बनेंगे। इनकी प्रतिभा, इनके संस्कार और इनकी सीखने की ललक बताती है कि इनकी दिव्यांगता सिर्फ शारीरिक है, मानसिक रूप से ये बहुत मजबूत और कुशल हैं।

पीड़ितों की बिना थके सेवा कर इतिहास रच रहे सुधीर भाई: आचार्य बालकृष्ण

आचार्य बालकृष्ण बोले सेवाधाम में 700 से ज्यादा लोगों, जिनमें अधिकतर बिस्तर पर हैं, की सेवा का जो कार्य हो रहा है, वह अकल्पनीय है।