आओ मिलकर नई दुनिया की संरचना करें, अपनों को अपनी जड़ों से जोड़े रखें

भगवान ने जो आंखें दी है, उससे हमें सब लोग दिखाई पड़ते हैं, लेकिन हम खुद को नहीं देख सकते हैं। भगवान चाहते हैं कि सामने वाले को हंसते हुए, खुशी से रहते हुए और आनंद की अनुभूति करते हुए हम देख सकें।

गुस्ताखी करने की मत कर हिमाकत

एक फिल्म स्टार एक एड शूट कर एक दिन में ही करोड़ों रुपए कमा लेता है, लेकिन एक आम आदमी जिंदगी के साठ बरस तक नौकरी और मजदूरी करके भी एक करोड़ नहीं कमा पाता है।

जखनी मॉडल: सूखे बुंदेलखंड में लहलहाईं फसलें, कुएं भी भर गए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ समय पहले ग्राम प्रधानों को लिखे पत्र में सबसे पहले मेड़बंदी का ही जिक्र किया था। बांदा का जखनी गांव इस मामले में रोल मॉडल बना और उसका नतीजा यह है कि यहां का जलस्तर में तेजी से इजाफा हुआ। केंद्रीय भूजल बोर्ड, नीति आयोग भारत सरकार और जलशक्ति मंत्रालय ने इस जखनी मॉडल को स्वीकारा।

प्रकृति के अनुशासन को तोड़ा तो भयावह होगा मंजर

तीसरी दुनिया के देश सिर्फ उनको सिर्फ हसरत भरी नजरों से देखते हुए अपने को आधुनिक उन्नति की राह पर आगे बढ़ने में लगे हैं, ये विकासशील राष्ट्र कहे जाते हैं, जबकि पिछड़े सभी राष्ट्र दूसरी दुनिया या अविकसित राष्ट्र मान लिए गए हैं।

धरती नापी, सागर छाना, चूम लिया आकाश और अब असहाय

विश्व का सबसे शक्तिशाली और लगभग सभी देशों पर परोक्ष-अपरोक्ष दबाव बनाने का माद्दा रखने (और दम्भ भरने) वाला संयुक्त राज्य अमेरिका आज खुद को इतना लाचार, बेबस और निरीह महसूस कर रहा है, मानों वह टूट सा गया है।

अब मुफ्त में नहीं घूम सकेंगे भूटान, पड़ोसी देश भी दूर

निर्णय को देश की नेशनल असेंबली ने भूटान टूरिज्म लेवी एंड एक्जम्पशन बिल (Bhutan tourism levy and exemption bill) के रूप में पारित किया है।

घड़ी मुश्किल है, लेकिन उम्मीद का दामन न छोड़ें, सहारा दें, मदद को आगे आएं

हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि देश को चलाने के लिए बड़े बुद्धिजीवियों से कहीं ज्यादा जरूरत उन लोगों की होती है, जो शारीरिक श्रम करते हैं। किसी कंपनी का उत्पादन उसके श्रम पर निर्भर करता है न कि इस पर कि वहां कितने प्रबंधक (Manager) हैं।

सारी निराशाओं के बावजूद हम जीतेंगे

स्थिति इससे भी भयावह और वीभत्स है, परन्तु सब कुछ लिखकर डराना नहीं चाहता हूं, मैंने पहले ही कहा है कि “मुश्किलें और चुनौतियां बड़ी हैं, पर डर और भयभीत रहना भी उपाय नहीं है।”

Corona से निपटने में SAARC निभा सकता है बड़ी भूमिका

भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर सार्क देशों ने COVID-19 को लेकर रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक मीटिंग की।