आओ मिलकर नई दुनिया की संरचना करें, अपनों को अपनी जड़ों से जोड़े रखें

भगवान ने जो आंखें दी है, उससे हमें सब लोग दिखाई पड़ते हैं, लेकिन हम खुद को नहीं देख सकते हैं। भगवान चाहते हैं कि सामने वाले को हंसते हुए, खुशी से रहते हुए और आनंद की अनुभूति करते हुए हम देख सकें।

गुस्ताखी करने की मत कर हिमाकत

एक फिल्म स्टार एक एड शूट कर एक दिन में ही करोड़ों रुपए कमा लेता है, लेकिन एक आम आदमी जिंदगी के साठ बरस तक नौकरी और मजदूरी करके भी एक करोड़ नहीं कमा पाता है।

लॉकडाउन में जरूर देखें ये 5 अंडररेटेड कॉमेडी मूवीज

अगर आपको डेडपूल जैसी फिल्में पसंद हैं तो इस फिल्म को जरूर देखिए। 2018 में आई इस फिल्म में अभिमन्यु दासानी और राधिका मदान को मुख्य किरदार में दिखाया गया है। इसमें एक सूर्या नाम के एक लड़के के शरीर में दर्द ना होने की बीमारी दिखाई गई है।

प्रकृति के अनुशासन को तोड़ा तो भयावह होगा मंजर

तीसरी दुनिया के देश सिर्फ उनको सिर्फ हसरत भरी नजरों से देखते हुए अपने को आधुनिक उन्नति की राह पर आगे बढ़ने में लगे हैं, ये विकासशील राष्ट्र कहे जाते हैं, जबकि पिछड़े सभी राष्ट्र दूसरी दुनिया या अविकसित राष्ट्र मान लिए गए हैं।

सारी निराशाओं के बावजूद हम जीतेंगे

स्थिति इससे भी भयावह और वीभत्स है, परन्तु सब कुछ लिखकर डराना नहीं चाहता हूं, मैंने पहले ही कहा है कि “मुश्किलें और चुनौतियां बड़ी हैं, पर डर और भयभीत रहना भी उपाय नहीं है।”

नेताओं की Policy से यूं हो रहें किसान तबाह

किसान अपनी सोने जैसी फसलों को औने पौने दामों पर गांव के बिचोलियों को बेच देता है और वही बिचोलिया पांच गुना ज्यादा भाव में ले जाकर बाजार में बेचता है। आखिर सरकार क्यों नहीं गांवों मे एक स्थायी फसल खरीद केंद्र की स्थापना करती है और वहां पर किसी जिम्मेदार अधिकारी की नियुक्ति करती है।