इतिहास में समाया फैजाबाद स्टेशन, अयोध्या कैंट पर आपका स्वागत है

फैजाबाद जंक्शन रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर अयोध्या कैंट करते रेलवे कर्मचारी। (Photo Credit : PTI Photo)

उत्तर रेलवे एवं लखनऊ-वाराणसी खंड का प्रमुख स्टेशन फैजाबाद अब सिर्फ इतिहास में ही याद रखा जाएगा। फैजाबाद स्टेशन का नाम अयोध्या कैंट कर दिया गया है। स्टेशन पर इसकी नाम पट्टिका (Name Plate) भी लग गई और ‘फैजाबाद जंक्शन’ स्टेशन कोड FD को बदलकर ‘अयोध्या कैंट’ स्टेशन कोड AYC कर दिया गया। स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार पर भी हिंदी, संस्कृत, अंग्रेजी और उर्दू में बड़े बड़े अक्षरों में ‘अयोध्या कैंट’ लिख दिया गया है।

1874 में अस्तित्व में आया यह स्टेशन लखनऊ से करीब 120 किमी दूर है। इससे ठीक दस किमी की दूरी पर अयोध्या सिटी नाम से पहले से ही स्टेशन है।

: खास बातें :
स्टेशन पर नाम पट्टिका (Name Plate) भी लग गई और ‘फैजाबाद जंक्शन’ स्टेशन कोड FD को बदलकर ‘अयोध्या कैंट’ स्टेशन कोड AYC कर दिया गया

पीएम मोदी ने कहा कि अयोध्या और अन्य तीर्थस्थलों के विकसित होने से भारत की संस्कृति, विरासत और आस्था के केंद्रों का गौरव सदियों बाद लौट रहा  

स्टेशन के मुख्य भवन के शीर्ष पर लगे पहचान सूचक बोर्ड को हटाकर उसके स्थान पर नये नाम ‘अयोध्या कैंट’ का बोर्ड लटका दिया गया है। फैजाबाद जिले का नाम अयोध्या करने के तीन साल बाद हाल ही में 19वीं सदी के इस स्टेशन का भी नाम बदल दिया। इसके पीछे सरकार की मंशा चाहे जो रही हो, लेकिन आम लोगों की प्रतिक्रिया अलग-अलग है।

कुछ का मानना है कि इससे ‘इस ऐतिहासिक शहर की पहचान मिट’ जाएगी और ‘भ्रम पैदा’ होगा तो कई अन्य लोगों ने सरकार के इस फैसले का यह कहते हुए स्वागत किया कि सार्वजनिक स्थानों पर सर्वत्र अयोध्या नाम उपयोग में लाया जाना उचित है। उनका मानना है कि ‘यह भगवान राम की नगरी है।’

तीर्थयात्रियों को रामजन्मभूमि, हनुमान गढ़ी और कनक भवन घुमाने ले जाने वाले अयोध्या शहर के टूरिस्ट गाइड अंकित पांडे (25) ने कहा , ‘‘नाम बदलना जरूरी था। फैजाबाद नाम नहीं रह सकता है, क्योंकि पूरा जिला अब अयोध्या है तथा अयोध्या ‘प्रभु राम की नगरी है’।’’

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वैसे विपक्ष ने इसे राजनीतिक फायदे के लिए हिंदू जनभावनाओं के साथ खेलने की कोशिश करार दिया है। दूसरी तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह कहते हुए नाम परिवर्तन को सही ठहराया कि यह ‘इस स्थान की समृद्ध ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान को अक्षुण्ण रखने’ की कोशिश का हिस्सा है।

उत्तराखंड के केदारनाथ धाम पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा था कि अयोध्या और अन्य तीर्थस्थलों के विकसित होने से भारत की संस्कृति, विरासत और आस्था के केंद्रों का गौरव सदियों के बाद वापस मिल रहा है।

प्रधानमंत्री ने केदारनाथ में पूजा-अर्चना और आदि गुरु शंकराचार्य के समाधि स्थल एवं प्रतिमा का अनावरण करने के बाद अपने संबोधन में कहा, “हमारी संस्कृति, विरासत और आस्था के केंद्रों को उसी गौरव भाव से देखा जा रहा है, जैसे देखा जाना चाहिए था। आज अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर पूरे गौरव के साथ बन रहा है। अयोध्या को उसका गौरव सदियों के बाद वापस मिल रहा है।”

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