सूखे बुंदेलखंड में पानी बचाने के लिए निकली जन चेतना जनसंवाद मेड़बंदी यज्ञ रथ

जल-जंगल-जमीन बचाने के लिए ‘बुन्देली भू-जल पंचायत’ में जुटे जलयोद्धाओं के बीच जलशक्ति मंत्री ने 60 दिवसीय जनसंवाद मेड़बंदी यज्ञ रथ यात्रा को हरी झंडी दिखाकर बांदा से उज्जैन के लिए रवाना की थी।

“जनता देश के सत्ताधीशों से सवाल पूछे, नहीं तो हुक्मरान संवेदनहीन हो जाएंगे”

आचार्य कृपलानी स्मृति व्याख्यान-2022 में “तंत्र बने सेवक, जनता हो स्वामी” विषय पर वरिष्ठ पत्रकार एवं माधव राव सप्रे संग्रहालय के संस्थापक पद्मश्री विजय दत्त श्रीधर ने अपने विचार रखे।

पीड़ितों की बिना थके सेवा कर इतिहास रच रहे सुधीर भाई: आचार्य बालकृष्ण

आचार्य बालकृष्ण बोले सेवाधाम में 700 से ज्यादा लोगों, जिनमें अधिकतर बिस्तर पर हैं, की सेवा का जो कार्य हो रहा है, वह अकल्पनीय है। 

Jimin के पेट में हुआ दर्द, दुनियाभर के मीडिया में बना सुर्खी, नेट पर BTS हुआ ट्रेंड

स्वास्थ्य बुलेटिन में यह भी बताया गया कि कंपनी अपने सदस्यों के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और वे जल्दी ठीक होने में जिमिन की सहायता करने के लिए वह सब कुछ कर रहे हैं जो वे कर सकते हैं।

इतिहास में समाया फैजाबाद स्टेशन, अयोध्या कैंट पर आपका स्वागत है

कुछ का मानना है कि इससे ‘इस ऐतिहासिक शहर की पहचान मिट’ जाएगी और ‘भ्रम पैदा’ होगा तो कई अन्य ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर सर्वत्र अयोध्या नाम उपयोग में लाया जाना उचित है। कहा कि ‘यह भगवान राम की नगरी है।’

महामारी के बाद Festive Mood में बाजार, लोग भूल गए कोविड प्रोटोकॉल

राजधानी दिल्ली समेत देश के सभी प्रमुख शहरों का यही हाल है। दिल्ली के बाजारों में भारी भीड़ उमड़ रही है। कई जगह बाजार एसोसिएशन कोरोना वायरस महामारी के बीच भीड़ का प्रबंधन करने में लगे रहे।

बड़ा मुद्दा है भरपेट भोजन मिलना, अध्ययन दर अध्ययन यही दिख रहा

अध्ययन में कहा गया, “पांच में से केवल तीन महिला (60 प्रतिशत) प्रतिभागी तीन वक्त का खाना खा सकती थी, जो सबसे असुरक्षित आबादी पर भोजन की उपलब्धता को लेकर दबाव को प्रतिबिंबित करता है।

संतों की शीर्ष संस्था अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष बने रवींद्र पुरी

सभी साधु संतों ने महंत रवींद्र पुरी के नेतृत्व में भरोसा जताते हुए सनातन धर्म के प्रचार प्रसार के लिए तन, मन, धन से सहयोग करने का संकल्प लिया।

ऐसे थे शास्त्री जी, पैसे न होने पर उफनाई गंगा को तैरकर किया पार

पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी के जीवन के ऐसे अनेक वाकये हैं, जिससे हंसमुख स्वभाव वाले शास्त्रीजी की सादगी के अलावा विनम्रता, कर्मठता, सरलता, नियमबद्धता, दृढ़निश्चयता वगैरह स्पष्ट झलकती है।

बहुत कमाल की चीज होती है जीह्वा, संभाल कर रखें इसे

जीह्वा हमेशा जवान ही रहती है यानी उम्र बढ़ने के साथ शरीर के अन्य अंग जैसे शिथिल पड़ने लगते हैं, वैसे जीह्वा के साथ नहीं होता।