इतिहास में समाया फैजाबाद स्टेशन, अयोध्या कैंट पर आपका स्वागत है

कुछ का मानना है कि इससे ‘इस ऐतिहासिक शहर की पहचान मिट’ जाएगी और ‘भ्रम पैदा’ होगा तो कई अन्य ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर सर्वत्र अयोध्या नाम उपयोग में लाया जाना उचित है। कहा कि ‘यह भगवान राम की नगरी है।’

महामारी के बाद Festive Mood में बाजार, लोग भूल गए कोविड प्रोटोकॉल

राजधानी दिल्ली समेत देश के सभी प्रमुख शहरों का यही हाल है। दिल्ली के बाजारों में भारी भीड़ उमड़ रही है। कई जगह बाजार एसोसिएशन कोरोना वायरस महामारी के बीच भीड़ का प्रबंधन करने में लगे रहे।

बड़ा मुद्दा है भरपेट भोजन मिलना, अध्ययन दर अध्ययन यही दिख रहा

अध्ययन में कहा गया, “पांच में से केवल तीन महिला (60 प्रतिशत) प्रतिभागी तीन वक्त का खाना खा सकती थी, जो सबसे असुरक्षित आबादी पर भोजन की उपलब्धता को लेकर दबाव को प्रतिबिंबित करता है।

संतों की शीर्ष संस्था अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष बने रवींद्र पुरी

सभी साधु संतों ने महंत रवींद्र पुरी के नेतृत्व में भरोसा जताते हुए सनातन धर्म के प्रचार प्रसार के लिए तन, मन, धन से सहयोग करने का संकल्प लिया।

ऐसे थे शास्त्री जी, पैसे न होने पर उफनाई गंगा को तैरकर किया पार

पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी के जीवन के ऐसे अनेक वाकये हैं, जिससे हंसमुख स्वभाव वाले शास्त्रीजी की सादगी के अलावा विनम्रता, कर्मठता, सरलता, नियमबद्धता, दृढ़निश्चयता वगैरह स्पष्ट झलकती है।

बहुत कमाल की चीज होती है जीह्वा, संभाल कर रखें इसे

जीह्वा हमेशा जवान ही रहती है यानी उम्र बढ़ने के साथ शरीर के अन्य अंग जैसे शिथिल पड़ने लगते हैं, वैसे जीह्वा के साथ नहीं होता।

गांव के वैज्ञानिक, विदेश के प्रोफेसर डॉ. रविकांत पाठक

डॉ. रविकांत पाठक न केवल एक वैज्ञानिक प्रतिभासंपन्न मेधावी उच्चशिक्षित प्रोफेसर हैं, बल्कि सोच और विचारों से सादगी, सहृदय, कोमल तथा देशकाल, परंपरा के प्रति अनुराग रखने वाले ग्राम्यभक्त भी हैं।

भारत में हर दस किमी में बदल जाती है बोली : संदीप मारवाह

सातवें ग्लोबल लिटरेरी फेस्टिवल नोएडा के वर्चुअल आयोजन में जुटीं देश विदेश की जानी मानी हस्तियों ने हिंदी दिवस पर रखे अपने विचार। कहा हिंदी भाषा शब्दों की प्रेरणा शक्ति है।

हिंदी दिवस पर हिंदी “वी शुड स्पीक हिंदी ऐस हिंदी इज माय मदर टंग”

आजकल कई ऐसे लोग हमें अक्सर मिल जाते हैं, जो गलती से कोई एक शब्द हिंदी का बोल दिए तो सारी कहकर उसकी तुरंत अंग्रेजी बोल देते हैं। उन्हें हिंदी बोलने के बाद जो अपराधबोध महसूस होता है, वह अच्छी तरह समझा जा सकता है।

अपनी Immunity बढ़ानी है तो नारियल या बादाम का तेल भी लगाएं

साबुन और सैनिटाइजर के ज्यादा प्रयोग से ड्राईनेस होता है। साथ ही यह उन बैक्टिरिया को भी मार देता है जो शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं। लीवर, किडनी, फेफड़े और प्रजनन प्रणाली को भी नुकसान पहुंचाता है।