Plasma Therapy: Covid-19 को मात देकर निकले लोगों का Blood बना पारस पत्थर

डोनर का एंटीबॉडी उसके स्वस्थ होने के 2 हफ्ते बाद ही इस्तेमाल किया जाएगा। इसके साथ यह भी जरूरी है कि उसका कम से कम दो बार कोविड-19 (Covid-19) का टेस्ट कराया गया हो।

कोविड-19 की मार: छोटे उद्यमी और श्रमिकों के लिए इधर कुंआ उधर खाई

राष्ट्रीय सैंपल सर्वे (National Sample Survey Office – NSSO) और पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वेज (Periodic Labour Force Survey- PLFS) के मुताबिक करीब 14 करोड़ गैर कृषि रोजगारों पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है, इनमें स्थायी कर्मचारी ही नहीं, दिहाड़ी मजदूर भी शामिल हैं, वहीं देशभर में असंगठित क्षेत्रों की नौकरियों पर भी छंटनी का खतरा मंडरा रहा है।

जानिए कितना अलग है पीएमएनआरएफ (PMNRF) से पीएमकेयर्स (PMCARES)

पीएमएनआरएफ (PMNRF) की स्थापना तब पाकिस्तान से विस्थापित हुए लोगों की मदद करने के लिए किया गया था, लेकिन बाद में इस राहत कोष का उपयोग बड़ा व्यापक हो गया था।

‘दंगाइयों’ का पोस्टर: न्यायपालिका और कार्यपालिका में मतभेद

प्रदेश सरकार ने उन्हें अपराधी घोषित करते हुए उनकी संपत्ति को सार्वजनिक रूप से नीलाम करने की घोषणा कर दी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इसे स्वत: संज्ञान लेते हुए इसे निजता के अधिकार की सुरक्षा का सवाल माना।

कौन नागरिक और कौन गैर नागरिक, ऐसे समझें पूरी कहानी

देेश का बुद्धिजीवी वर्ग तरह-तरह के तर्क देता है कि इतने बड़े पैमाने पर करोड़ों लोगों को एनआरसी से बाहर किया जाएगा तो उनका क्या होगा? क्या उनके मूल देश उन्हें स्वीकार करेंगे? ऐसे में वह भारत में ही रहेंगे तो एनआरसी की जरूरत क्या? लेकिन मुझे इतना जरूर पता अगर वह बन गया तो अवैध रूप से भारत में आए बांग्लादेशी, पाकिस्तानी, म्यांमार घुसपैठियों को डिटेंशन सेंटर के भीतर रख दिया जाएगा।