निकल रहे अमेरिकी सैनिक, दूर हुई अफगानियों की शांति

USA, Afghanistan, NATO

हिंसाग्रस्त अफगानिस्तान में लंबे समय से तैनात अमेरिकी सैनिकों की वापसी पर संकट के बादल मंडराते नजर आ रहे हैं। तालिबान के प्रभाव में रहा अफगानिस्तान में शांति बहाली के लिए तैनात अमेरिकी सैनिकों में से एक बड़ी संख्या में सैनिक वापस जा चुके हैं, लेकिन अब भी वहां करीब ढाई हजार सैनिक बचे हैं। ये वापस कब जाएंगे या जा भी पाएंगे या नहीं, अभी कुछ साफ नहीं है। अंतरराष्ट्रीय हालात और आतंकवाद को लेकर अमेरिकी सरकार को यह निर्णय लेना है।

अफगानिस्तान से सेना वापस बुलाने की तय तारीख एक मई है। हालांकि अभी तक के हालात को देखते हुए यह विश्वास करना मुश्किल है कि अमेरिका अपने सैनिकों को वापस बुलाएगी। राष्ट्रपति जो बाइडन ने अभी तक ऐसा कोई संकेत भी नहीं किया है। इससे अनिश्चय की स्थिति कायम है। उम्मीद की जा रही है कि अफगानिस्तान में अमेरिका के बाकी के 2,500 सैनिक फिलहाल वहीं बने रहेंगे। तालिबान के आतंक से त्रस्त अफगान सेना को अमेरिका अपना समर्थन जारी रख सकता है। वैसे भी अब समय कम बचा है। बमुश्किल तीन हफ्तों में यह कहीं से भी मुमकिन नहीं दिखता है कि वह अफगानिस्तान से अपने सैनिकों को बुलाने की प्रक्रिया शुरू करेगा।

राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है, ‘‘एक मई की समय-सीमा को पूरा करना मुश्किल होने जा रहा है। सामरिक कारणों से सैनिकों को वापस बुलाना मुश्किल है। अगर हम छोड़कर जाते हैं तो हमें सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से ऐसा करना होगा।’’ 2009 से 2013 तक नाटो के शीर्ष कमांडर रहे पूर्व नौसेना एडमिरल जेम्स स्टेविडिस ने कहा कि इस मौके पर सैनिकों को जल्दी वापस बुलाना नासमझी होगी।

उन्होंने बुधवार को ईमेल के जरिए कहा, ‘‘कई बार कोई फैसला न लेना भी फैसला बन जाता है, जो एक मई की समय-सीमा के मामले में सच लगता है। अब ऐसा लगता है कि छह महीने का विस्तार किया जा सकता है और तालिबान को अपने वादे पूरे करने के लिए राजी करने की कोशिश की जा सकती है जो अफगानिस्तान से सैनिकों को वापस बुलाने की अहम शर्त है।’’

cmarg author

Sanjay Dubey is Graduated from the University of Allahabad and Post Graduated from SHUATS in Mass Communication. He has served long in Print as well as Digital Media. He is a Researcher, Academician, and very passionate about Content and Features Writing on National, International, and Social Issues. Currently, he is working as a Digital Journalist in Jansatta.com (The Indian Express Group) at Noida in India. Sanjay is the Director of the Center for Media Analysis and Research Group (CMARG) and also a Convenor for the Apni Lekhan Mandali.

Leave a Reply

Your email address will not be published.