अखाड़ा परिषद अध्यक्ष नरेंद्र गिरि का निधन, लिखा शिष्य से हूं परेशान

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी। (फोटो- सोशल मीडिया)

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और निरंजनी अखाड़ा के सचिव महंत नरेंद्र गिरि ने अपने मठ बाघंबरी गद्दी में सोमवार की शाम कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर लिखा, ‘‘अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री नरेंद्र गिरि जी का देहावसान अत्यंत दुखद है। आध्यात्मिक परंपराओं के प्रति समर्पित रहते हुए उन्होंने संत समाज की अनेक धाराओं को एक साथ जोड़ने में बड़ी भूमिका निभाई। प्रभु उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान दें। ॐ शांति!!’’

वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट किया, ‘‘अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि जी का ब्रह्मलीन होना आध्यात्मिक जगत की अपूरणीय क्षति है। प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान तथा शोकाकुल अनुयायियों को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करें।’’

पुलिस महानिरीक्षक (प्रयागराज रेंज) केपी सिंह ने मठ बाघंबरी गद्दी में संवाददाताओं को बताया कि शाम को पुलिस के पास फोन आया कि महाराज जी (महंत नरेंद्र गिरि) पंखे पर फांसी के फंदे पर लटक गए हैं। महंत के शिष्यों के मुताबिक, घटना के समय दरवाजा भीतर से बंद था और उन्होंने दरवाजा तोड़कर उन्हें फंदे से उतारकर जमीन पर लिटाया। सिंह ने बताया कि पुलिस जब घटनास्थल पर पहुंची तो महंत की मृत्यु हो चुकी थी।

उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला नजर आता है। घटनास्थल से सात-आठ पेज का सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें महंत ने अपने आश्रम के बारे में क्या करना है.. एक तरह से वसीयतनामा लिखा है। पुलिस महानिरीक्षक ने कहा कि सुसाइड नोट में महंत ने लिखा है कि वह अपने एक शिष्य से दुखी थे। सिंह ने कहा, ‘‘अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष का निधन बहुत दुखद है। हम आगे की विवेचना कर रहे हैं। महंत जी दिन में जिस गेस्ट हाउस में रहते थे, उनका शव वहां मिला।’’

उन्होंने बताया कि महंत ने अपने सुसाइड नोट में इस कठोर कदम के पीछे कई कारण लिखे हैं और कई मार्मिक बातें लिखी हैं। सिंह ने कहा कि फॉरेंसिक टीम सुसाइड नोट की जांच कर रही है और महंत के शव का मंगलवार को पोस्टमॉर्टम किया जाएगा। उन्होंने बताया कि घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड की टीम अपना काम कर रही है। उन्होंने कहा कि अखाड़ा परिषद के पदाधिकारियों के आने के बाद महंत नरेंद्र गिरि के अंतिम संस्कार पर निर्णय किया जाएगा।

सिंह ने कहा कि महंत ने अपने पत्र में समाधि बनाए जाने का भी जिक्र किया है, जिसपर अखाड़ा परिषद के पदाधिकारी निर्णय करेंगे। उन्होंने कहा कि महंत के निधन की सूचना मुख्यमंत्री कार्यालय को भी दे दी गई है और कल प्रोटोकॉल आने के बाद ही पता चलेगा कि कौन-कौन लोग यहां आ रहे हैं।

READ: अरबों रुपए की संपत्ति है गुरु और शिष्य के बीच विवाद की प्रमुख वजह

समाजवादी पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी ट्वीट कर महंत नरेंद्र गिरि के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने लिखा, ‘‘अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष पूज्य नरेंद्र गिरी जी का निधन, अपूरणीय क्षति! ईश्वर पुण्य आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान व उनके अनुयायियों को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करें। भावभीनी श्रद्धांजलि।’’

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2019 के प्रयागराज कुम्भ मेले के भव्य आयोजन में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की अहम भूमिका रही थी। मेले के दौरान उन्होंने समय-समय पर शासन का मार्गदर्शन किया था। मठ बाघंबरी गद्दी में शाम छह बजे से ही भारी पुलिस बल तैनात था और मठ के आसपास के इलाकों में बैरिकेडिंग लगा दी गई थी। मठ में मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, पुलिस महानिरीक्षक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित सभी आला अधिकारी मौजूद थे।

The Center for Media Analysis and Research Group (CMARG) is a center aimed at conducting in-depth studies and research on socio-political, national-international, environmental issues. It provides readers with in-depth knowledge of burning issues and encourages them to think deeply about them. On this platform, we will also give opportunities to the budding, bright and talented students to research and explore new avenues.

Leave a Reply

Your email address will not be published.