शास्त्री जी की पहचान – सादगी, विनम्रता ईमानदारी और राष्ट्रभक्ति

पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री। (फोटो- वेबदुनिया हिंदी)

Lal Bahadur Shastri Jayanti 2021: भारत के राजनेताओं में सादगी, संयम, ईमानदारी, सहिष्णुता और राष्ट्रभक्त जैसे गुणों की जब भी चर्चा होती है, उसमें पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का नाम हमेशा शीर्ष में रहता है। वे ऐसे राजनेता थे, जो अपनी ईमानदारी शायद स्वप्न में भी नहीं छोड़ना चाहते होंगे, यही वधानमंत्री रह चुके नेता के पास एक कार भी थी, वह लोन पर ही और उसका लोन उनके नहीं रहने पर उनकी पत्नी ललिता शास्त्री ने चुकाया। क्या ऐसी कल्पना कोई कर सकता है कि एक प्रधानमंत्री को कार खरीदने तक के लिए लोन लेना पड़ता हो।

जवाहर लाल नेहरू के बाद लाल बहादुर शास्त्री देश के दूसरे पीएम हुए और उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध के दौरान देश की अगुवाई की थी। 2 अक्टूबर को देश की महान विभूतियों ने जन्म लिया था। एक को हम अहिंसा के पुजारी यानी की महात्मा गांधी के तौर पर जानते हैं तो दूसरे को ‘जय जवान जय किसान’ की अलख जगाने वाले पूर्व पीएम लाल बहादुर शास्त्री के नाम से जानते हैं। आज (2 अक्टूबर) दोनों की जयंती है। शास्त्रीजी का जन्म 2 अक्टूबर 1904 को हुआ था। देश में आज भी लोग उनकी उनकी सादगी और विनम्रता की चर्चा होती है।

15 अगस्त 1947 को आजादी के समय लाल बहादुर शास्त्री को नेहरू सरकार के मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था वो देश के पहले पुलिस-परिवहन मंत्री बने थे। उन्हीं के कार्यकाल में देश में पहली बार किसी महिला को बस कंडक्टर के पद पर नियुक्त किया गया था।

लाठीचार्ज की जगह वाटरकैनन का इस्तेमाल उन्हीं का आइडिया था। लाल बहादुर शास्त्री मरणोपरांत देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ पाने वाले पहले व्यक्ति थे।

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शास्त्री जी ने दुग्ध उत्पादन और उसकी सप्लाई को बढ़ाने के महत्व को समझाया था। उन्होंने श्वेत क्रांति को भी बढ़ावा दिया था। नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड का गठन 1965 में किया गया था।

बताया जाता है कि शास्त्री जी के पास आधिकारिक इस्तेमाल के एक शेवरले इंपाला कार थी, जिसे एक बार उनका बेटा चला रहा था। जब शास्त्री जी को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने ड्राइवर से पूछा और कार के मीटर में दूरी जांचने के लिए कहा। इसके बाद सरकार के खाते में उतनी राशि जमा करवाई।

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